आखों ? में मेरी कई लोगो ने पढ़ा है, पिंजरे के पंछी ? सा दिल बेबस खड़ा है, आज़ाद होकर खुले आसमान में उड़ने ?को बेक़रार है, किसी और का नहीं मुझे सिर्फ तेरा ही इंतजार है.. ??